तूफ़ान के बाद आई बाढ़ में फंसे एक लाख
मंगलवार, 15 अक्तूबर, 2013 को 17:00 IST तक के समाचार
तूफ़ान के बाद आई बाढ़ से उड़ीसा के दो जिले प्रभावित हैं
पायलिन तूफ़ान के बाद आई बाढ में हज़ारों लोग फंसे हुए हैं. बचावकर्मियों को कड़ी मेहनत करनी पड़ रही है. 14 सालों में आए सबसे ज़बरदस्त तूफ़ान से काफ़ी नुकसान हुआ है.
अधिकारियों का कहना है कि मयूरभंज और बालासोर ज़िलों में बाढ़ के पानी में करीब एक लाख लोग फंसे हुए हैं.
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ओडिशा में बाढ़ से चार लोगों की मौत से तूफ़ान से मरने वालों की संख्या बढ़कर 27 हो गई है.
बाढ़ के ख़तरे से पड़ोसी राज्य बिहार को भी अलर्ट कर दिया गया है.
अधिकारियों का कहना है कि क्लिक करेंतूफ़ान ने कमज़ोर होकर रास्ता बदल लिया है और इसके उत्तरी इलाकों में बिहार से नेपाल की ओर बढ़ने के कारण करीब दो दर्जन ज़िलों में भारी बारिश की आशंका जताई जा रही है.
"हम बाढ़ से प्रभावित बालासोर जिले में हवा से खाने के पैकेट गिरा रहे हैं. वहां बाढ़ की स्थिति चिंता की बड़ी वजह है."
एसएन पात्रो, राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री, ओडिशा
चक्रवाती तूफ़ान पायलिन इस सप्ताहांत पूर्वी भारत के समुद्रतटीय इलाकों से टकराया था, जिसके चलते ओडिशा और आंध्र में तमाम घर, पेड़ और सड़कें तहस-नहस हो गईं. ,
आधिकारिक तौर पर इसको भारत में आया क्लिक करेंसबसे बड़ा तूफ़ान बताया जा रहा है. हालांकि तटीय इलाकों को ख़ाली करा लेने से मरने वालों की संख्या काफी कम रही.
तूफ़ान के कमज़ोर होने के बाद बेघर हुए करीब दस लाख लोगों के लिए बड़े पैमाने पर राहत अभियान चलाया जा रहा है.
चिंता की वजह
अधिकारियों का कहना है कि ओडिशा में बड़ी नदियों बुधबालांगा और सुबर्नारेखा में जलस्तर बढ़ने से दो ज़िलों में बाढ़ आ गई है.
आपदा प्रबंधन के कर्मचारी राहत अभियान में लगी सेना और नौसेना की मदद कर रहे हैं.
ओडिशा के राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री एसएन पात्रो ने पीटीआई से कहा, '' हम बाढ़ से प्रभावित बालासोर ज़िले में हवा से खाने के पैकेट गिरा रहे हैं. वहां बाढ़ की स्थिति चिंता की बड़ी वजह है.''
वहीं क्लिक करेंतूफ़ान से पहले सुरक्षित स्थानों पर चले गए हज़ारों लोग अब वापस अपने घरों को लौट रहे हैं.
हालांकि इनमें से बहुत से लोग अभी अस्थायी शरण लिये हुए हैं, क्योंकि उनके गांव और घर तबाह हो चुके हैं.
तूफ़ान शनिवार को करीब 200 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ़्तार से आया. उससे बड़े पैमाने पर तबाही हुई. फिर रविवार को कमज़ोर होने के बाद ये उत्तर – पूर्व की ओर बढ़ गया.
राज्य सरकार के अधिकारियों का कहना है कि क्लिक करेंतेज़ तूफ़ान ने करीब पांच लाख लोगों को बेघर कर दिया.
तूफ़ान से बिजली और टेलीफोन लाइनों को नुकसान हुआ. सड़कें व रेल के ट्रैक उखड़ गए. फ़िलहाल नुकसान का अनुमान लगाना कठिन है.
5000 स्क्वेयर किलोमीटर में धान की फसल बर्बाद हो चुकी है. राज्य सरकार को 2500 करोड़ के नुकसान का अनुमान है.
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