संपूर्ण भारत वर्ष के 35000 स्टेशन मास्टर निम्न मांगों को लेकर कर रहे हैं भूख हड़ताल
1) नाइट ड्यूटी सीलिंग लिमिट का आदेश रद्द किया जाए
2) रेलवे फ्रंट लाईन स्टाफ को 50 लाख का जीवन बीमा दिया जाए
3) रेलवे का निजी करण एवं निगमीकरण बंद किया जाए
4) एनपीएस को बंद कर, ओपीएस लागू करने किया जाये
रेलवे बोर्ड पत्र संख्या 83/2020 दिनांक 29 सितंबर, 2020 नाइट ड्यूटी एलाउंस सीलिंग लिमिट 43600 नाइट ड्यूटी की गणना करने के लिए अब बेसिक पे 43600 के आधार पर ही की जाएगी एवं अन्य दो मांगों को लेकर इसके विरोध में भारतवर्ष के 35000 स्टेशन मास्टर 21 जनवरी 2021 को प्रत्येक मंडल कार्यालय के सामने एक दिवसीय भूख हड़ताल करके छठवें चरण का विरोध करेंगे।
प्रथम चरण में आसमा के पदाधिकारियों द्वारा रेलवे बोर्ड के अधिकारियों को ई-मेल भेजकर के विरोध जताया गया था। दूसरे चरण में पूरे भारतवर्ष के स्टेशन मास्टरों ने 15 अक्टूबर 2020 को रात्रि ड्यूटी शिफ्ट में स्टेशन पर मोमबत्ती जलाकर के विरोध प्रदर्शन किया। तीसरे चरण का विरोध प्रदर्शन ट्रेन संचालन को सुचारू रूप से रखते हुए 20 अक्टूबर 2020 से 26 अक्टूबर 2020 तक, 1 सप्ताह काला बैज लगाकर के ट्रेन संचालन कर विरोध किया गया।
चौथे चरण का विरोध प्रदर्शन ट्रेन संचालन को सुचारू रूप से रखते हुए 31 अक्टूबर 2020 को पूरे भारतवर्ष के स्टेशन मास्टर एक दिवसीय भूख हड़ताल किये। पांचवें चरण में 25 नवंबर 2020 को प्रत्येक मंडल कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन कर विरोध जताया गया, लेकिन प्रशासन ने अभी भी स्टेशन मास्टरों के हित मे निर्णय नही लिया है और नवंबर माह 2020 से भुगतान होने बाले नाइट ड्यूटी एलाउंस मैं कटौती कर दी गई है।
अब छठे चरण में भारतवर्ष के प्रत्येक मंडल कार्यालय के सामने एक दिवसीय हंगर फास्ट किया जाएगा 35000 स्टेशन मास्टर ऑन ड्यूटी एवं ऑफ ड्यूटी प्रत्येक मंडल कार्यालय के सामने ट्रेन संचालन को सुचारू रूप से रखते हुए एक दिवसीय हंगर फास्ट करेंगे।
अगर इस आदेश को प्रशासन के द्वारा रद्द नहीं किया गया तो सातवें चरण के विरोध का तरीका और भी ज्यादा कठिन हो सकता है।
21 जनवरी को पूरे भारतवर्ष में प्रत्येक मंडल कार्यालय के सामने एक दिवसीय भूख हड़ताल किया जा रहा है। जो आदेश अभी हाल ही में रेलवे बोर्ड के द्वारा जारी किया गया है इससे पूर्व भी नाइट ड्यूटी का पत्र रेलवे बोर्ड के द्वारा ही पत्र संख्या 36/2018 दिनांक 8 मार्च 2018 को जारी किया गया था, जिसमें किसी भी प्रकार का विचाराधीन मामला नहीं बताया गया है जबकि जो वर्तमान में पत्र जारी किया गया है उसकी लागू होने की तिथि 1 जुलाई 2017 दी गई है जिसका कोई औचित्य नहीं है। पत्र 2018 में लागू होने के बाद रेलवे बोर्ड ने 1 जुलाई 2017 से नाइट ड्यूटी का एरियर भी कर्मचारियों को दिया है जो कैटेगरी संरक्षा के साथ अनवरत रूप से नाइट ड्यूटी करती हैं उनके साथ ऐसा व्यवहार रेलवे प्रशासन के द्वारा संरक्षा के साथ खिलवाड़ है।
ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर एसोसिएशन ऐसे आदेशों का वैधानिक तरीके से घोर विरोध करता है और प्रशासन को चेतावनी देता है कि इसके बाद भी प्रशासन के द्वारा यह आदेश वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी रेल प्रशासन की होगी।
कोरोना के संबंध में सरकार के सभी दिशा निर्देशों का पूर्ण पालन भी किया जाएगा। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान कुमार विजय (मंडल सचिव), प्रभात रंजन (मंडल अध्यक्ष), राजीव कुमार (मंडल उपाध्यक्ष), राणा रत्नेश कुमार सिंह (मंडल वित्त सचिव), ममता कुमारी, पंकज कुमार, हरेंद्र प्रसाद, गौरीश दत्ता, राजीव गौतम, अमित कुमार, कारू शाह, कौशल किशोर, रजनीश कुमार, बृजेश कुमार, भारतेंदु कुमार, दिलीप कुमार, अमरेंद्र कुमार, दिलीप मांझी, चतुर्भुज प्रसाद, आर आर पांडे, विद्यानंद भगत, अजीत कुमार, समीर कुमार, राकेश कुमार, बसंत पांडे, देवेंद्र कुमार सिंह, नवीन कुमार सिंह आदि सदस्यों ने भाग लिया और आगे भी सक्रिय भूमिका निभाते रहेंगे।

1 comment:
एनडीए सीलिंग के विरोध आसमा द्वारा किया गया विरोध प्रदर्शन का पूरा विवरण।
बहुत ही सुंदर एवं सिलसिलेवार तरीके से दर्शाया गया है
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