#Justice For Saurav एक ऐसी न्याय की कैंपेन है जिसने मोदी सरकार में चल रहे दादागीरी और ममता सरकार में जन्म लें रहे माफियाओं का क्या तस्वीर दिखाया है !
शर्म आती है इस मोदी सरकार पर जिसने अपने देश के स्तंभ कहे जाने वाले कार्यपालिका में माफियाओं को खुलेआम छूट दे कर जिम्मेवारी को जलाने का धंधा कर रही और चुनाव प्रचार में जनता को लुभाने का सतत प्रयास।
आज सिकेन शेखर आपको बताएगा दरअसल समाज में खास कर मोदी समाज में अगर माफियाओं के द्वारा एक घटना अंजाम दिया जाता है तो सरकार कितनी ज़िम्मेवार नज़र आती है ?
सभी को पता है #Justice For Saurav एक कैंपेन चल रही है। वह भी ऐसे हालत में जब इस देश का एक वीर-पुत्र ज़िंदगी की आखिरी साँस ममता सरकार में जन्म लिए माफियाओं के बीच बंधक बने चार दिवार में लेता है।
सौरव शायद ही कभी सोचा होगा कि जिस ईमानदारी और मेहनत भारतीय रेलवे लिए दे रहे है। जिसकी विश्व में अपनी पहचान है। वही एक दिन मेरे जिंदगी का रहस्य बनकर मेरे जान पर वार करेगा । अगर ऐसा मालूम होता तो सौरभ बिहार से वैशाली जिले के अकिलाबाद गाँव से सपना लिए पश्चिम बंगाल के पश्चिम मिदनापुर जिले के खड़गपुर शहर में कभी न आता ।
इस वक्त देश में चारों तरफ #Justice For Saurav की गुंज सुनाई दे रही है। राष्ट्र इस वक्त सौरव के मर्डर के पीछे के तमाम रहस्सयों को दरअसल #सीबीआई जांच के आधार पर जानना चाहता है। यह वही राष्ट्र की घटना है जहाँ पर विकास के लिए मोदी की आवाज सुनाई देती है। आज यह राष्ट्र के द्वारा सौरव मर्डर केस में न्याय के लिए #सीबीआई जांच की मांग की जा रही है तो मोदी की आवाज नही निकल रही।
मोदी पर सबसे बड़ा सवाल उठता है कि सौरव कुमार हत्या मामले में 12 दिन बाद भी मोदी चुप क्यों है ?
सिकेन का 5 तथ्य जो सौरव कुमार #Murder Case के सिलसिले में CBI जाँच की जरूरत को बता रहा : जरा आप भी समझे-
पहला तथ्य : सौरव #Murder case के 12 दिन बाद भी पुलिस के पास #Murder case के सिलसिले में किसी तरह की जानकारी का न होना यह पुलिस की लापरवाही को बताती है और यह सच है कि पुलिस वहाँ के माफियाओं के साथ मिल कर इस केस को दबाने की कोशिश में है।
दूसरा तथ्य : यह पश्चिम बंगाल की वही पुलिस है जिसने #Murder के बाद भी केस दर्ज करने से मना की थी । कैसे कोई इस लापरवाह पुलिस पर यकीन करेगा ?
तीसरा तथ्य : सौरभ ने जिस भारतीय रेलवे विभाग के लिए अपनी योगदान निष्ठा के साथ दिया आज उस विभाग के द्वारा इस केस के सिलसिला में आवाज का कमजोर होना भी #CBI जाँच की तरफ संकेत करता है। अगर ऐसा नही होता है तो सौरभ के बाद भी अगर कोई ईमानदार कर्मचारी/ अभियंता/ अधिकारी आता है तो वहाँ के माफिया उसे अपना शिकार बनाएगा ।
चौथा तथ्य : पश्चिम बंगाल से प्रकाशित हो रहे तमाम समाचार पत्रों व न्यूज चैनलों पर माफियाओं के द्वारा धाबा बोला जा रहा है। ऐसे में मीडिया कैसे इस खबर को उजागर करेगी ? दरअसल यह भी सवाल #CBI जाँच की माँग का संकेत है। और
तथ्य पाँचवाँ : जिस पश्चिम बंगाल की पुलिस ने बीते 12 दिनों का समय बर्बाद कर अहम सबुतोँ और तथ्यों को दबाइ है, उससे जल्द से जल्द इस केस को वापस लेकर #CBI को देना इस वक्त की जरूरत है। वरना इस भारत देश में माफियाओं का मनोबल हमेशा बढ़ता रहेगा।
खबर यह भी है कि केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान जी #JusticeForSAURAV के कैंपेन का हिस्सा बनेंगे। उनके पास जब
#JusticeForSaurav की आवाज पहुँची तो अपने संसदीय क्षेत्र के लोगों की संवेदना समझते हुए अपना समय साझा करने का उनका विचार हुआ। अब से ठीक कुछ ही घंटे बाद लगभग शाम के 5.30 बजे केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान 'सौरव कुमार' के हत्यारोँ' को पकड़े जाने की मुहिम #JusticeForSaurav' में हाजीपुर शहर के अकिलाबाद गाँव पहुँचेंगे। केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के द्वारा #CBI जाँच की माँग करना इस मुहिम में सबसे महत्वपूर्ण कड़ी का हिस्सा होगा। साथ ही सौरभ के लिए न्याय माँग रहे तमाम समर्थकों को इसी मदद की जरूरत है। देखना होगा कि केंद्रीय मंत्री क्या कुछ अपने बयान से
#JusticeForSaurav के इस मुहिम में योगदान देते है।
#JusticeForSaurav यह हत्या की एक ऐसी केस का उदाहरण है। जिसे भारत के वासी अगर समझने की कोशिश करें तो पैरों तले जमी खीसकने की एहसास होगी। भारतीय रेलवे में कर्मचारीओं की स्थिति पर मडराने वाले काले भविष्य पर भी यहाँ से सवाल उठने शुरु हो जाएँगे और यहाँ पर सबसे बड़ा सवाल यह कि अगर कल के डेट में किसी अन्य रेलवे कर्मचारियों पर अगर संकट का वक्त होगा तो क्या रेल मंत्रालय उस परिस्थिति में अपने कर्मचारियों के मदद के लिए जरूरी कदम उठाएगा या नही? यह सवाल है।
रेल मंत्री का बयान हत्या के 10 दिन बाद आता है जाँच के संदर्भ में ''Ordered complete police investigation into sad death of Saurav
supervisor Kharagpur, culprit will be punished. No.1 will be spared
condolences''
और पुलिस के पास 12 दिनों में इस केस के अनुसार कोई पुख्ता सबूत नही हत्यारों तक पहुंचने के। ये कैसी पुलिसिया तंत्र है जो नागरिकों की सुरक्षा की बात करती है? ममता सरकार के पास अगर जवाब है तो जरा देने की कोशिश करें।
#JusticeForSaurav
सौरभ कुमार #Murder
Case में सिकेन ने पश्चिम बंगाल पुलिस पर लगाया आरोप कहा पुलिस छोटे-छोटे तथ्यों को छिपाना चाहती है। जिससे हत्यारों के पास पहुँचना नामुमकिन हो सके।
सूत्रों के हवाले से मिली खबर के मुताबिक पश्चिम बंगाल के पश्चिम मिदनापुर जिले के माफिया #मीडिया पर नजर बनाए हुए है। खास तौर पर जो मीडियाकर्मी इस खबर पर डटे है उसे फौलो किया जा रहा है। जिससे सही हत्यारों के पास पहुँचाने से रोका जा सके ।
पुलिस पुरी तरह माफियाओं के कब्जे में काम कर रही है अगर नही तो सिर्फ एक सवाल का जवाब आखिर अब तक पुलिस क्यों नही बताई कि सौरभ का मोबाइल आखिर वक्त कहाँ पर यानी किस लोकेशन पर बंद हुआ ।
ऐसे छोटे-छोटे कई सवाल है जिसे पुलिस को बीते 12 दिनों में कब का पता लगाना चाहिए था, मगर पुलिस माफियाओं के साथ मिल कर इस साजिश का खुलासा होने से रोक रही है।
सौरभ कुमार #Murder केस पर सिकेन शेखर ने मोदी पर लगाया आरोप कहा जिस मोदी अपने प्रधानमंत्री के कुर्सी के लिए इस देश की जनता का समर्थन मानते है आज उसी देश की जनता को #JusticeForSaurav के तहत सौरभ के हत्यारों को सजा मिल सके इसके लिए #CBI जाँच की माँग की जा रही है तो मोदी का समर्थन ना मिलना, देश के लिए नाजुक स्थिति का संकेत है।
मोदी के सरकार में पश्चिम बंगाल के खड़गपुर शहर में पुलिस और माफियाओँ का बोल-बाला है मगर मोदी उसे भी अपनी समर्थन कह कर देश को संबोधित करते है और जनता से चुनाव में वोटों की भिख़ माँगते है। मोदी की दरअसल मंशा क्या है ? जरा इस मुद्दे पर अपनी विचार डाले।
सिकेन शेखर (पत्रकार)

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