मुझे यह नही पता कि मेरे बियॉन्ड द थर्ड ऑय पढ़ने वाले कितने ऐसे पाठक हैं जिन्हें कोई ऐसी समस्या आई है जिसे वे नरेंद्र मोदी तक पहुँचाना चाहते थे मगर माध्यम न होने के वजह से वे अपनी बात पहुँचाने में असफल रहें तो इन सब के मद्देनजर प्रधानमंत्री मोदी जी ने अपने वेबसाइट के जरिये यह सुविधा भारतीय नागरिकों को साफ तौर पर दिया है। मगर गंभीर सवाल यह है कि मोदी जी के पास अगर इस माध्यम से अगर कोई बात पहुँचती भी है तो क्या उसके सन्दर्भ में जो समस्या है उसे सफाया होते हुए भी देखा जा सकता है?
अगर आप मोदी जी के इस वेबसाइट के माध्यम से ख़ास कर किसी बात को साझा किये है तो अपना अनुभव बियॉन्ड द थर्ड ऑय के कमेंट में अवश्य लिखें।
मेरे कई ऐसे मित्र भी है जिनकी कॉल महीने में दो-तीन बार आती हैं और वे कहते हैं कि आज गृह मंत्रालय गया था उस समस्या को लेकर कुछ उम्मीद है कि काम जल्द ही हो जायेगा मगर आश्चर्य की बात है कि उन्हें मैं पिछले 4 सालो से इन्ही कामों में लिप्त देख रहा हूँ। अब आप खुद समझ सकते है कि जो काम इस भारत में खास कर मंत्रलाय में जा कर नही हो रहा तो क्या मोदी जी की यह वेबसाइट इन तमाम चुनौतियों को सफाया करने में सफल साबित होगी?
अगर ये तमाम चीजें नही हो सकती तो मोदी जी के लिए यह सिर्फ देश की जनता का फीडबैक लेने का स्रोत है और जिससे मोदी जी देश का मिजाज भांपने के लिए इसका इस्तेमाल कर रहे है।

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