Saturday, November 12, 2016

यह प्रधानमंत्री मोदी नही हत्यारा मोदी है- सिकेन शेखर


आपने कभी सोचा है प्रधानमंत्री मोदी जी की सबसे शक्तिशाली हथियार क्या है? सोचिये जरा....... 
पॉलिसी के बारे में क्या ख्याल है? एक मोदी जी जितनी भी अब तक पॉलिसी बनाये है वही तो देश बनाएगा। मगर वह पॉलिसी अगर किसी की जान लेने की वजह हो फिर हत्यारा कौन? जवाब तो मैंने दे दिया है अब आपको सोचना है?
पढ़िए जरा >>>>>> 

500-1000 के नोट बंद होने से तेलंगाना में महिला ने की खुदखुशी

500 और 1000 रूपये के नोट बंद होने के फैसले के बाद से ही देश में अफरा-तफरी मची हुई है. इसी बीच तेलगांना से एक चौंकाने वाली खबर आई है. तेलंगाना में एक 55 वर्षीय महिला ने फांसी लगाकर खुदखुशी कर ली है. फैसले के बाद से ही महिला इस बात को लेकर चिंता में थी कि उसके पास के सभी नोट अब कागज का टुकड़े है.

पुलिस के अनुसार तेलंगाना के महबूबाबाद इलाके के शनिगापुरम गांव की रहने वाली कु. विनोदा और उसके पति उपेन्द्रिया ने तीन महीने पहले 12 एकड़ जमीन बेची थी, जिसके बदले उन्हें 55 लाख रूपये कैश में मिले थे. वह नई जमीन खरीदना चाहते थे इसलिए सारा कैश बैंक के बजाय घर में ही रखा था.

कल जैसे ही विनोदा ने यह खबर सुनी तभी से वह अपने पति पर अपनी हालत का आरोप लगा रही थी. विनोदा के बेटे श्रीनिवास ने कहा कि कल उनके माता-पिता के बीच झगड़ा हुआ था, जिसके बाद उन्होनें फांसी लगा ली. विनोदा कम पढ़ी लिखी थी और पेशे से किसान थी, उन्हें सरकार के द्वारा घोषित उपायों के बारे में नहीं पता चल पाया और उन्हें लगा कि उन्हें एक बड़ा घाटा हो गया. स्थानीय पुलिस ने मामले को दर्ज किया है और आगे की जांच शुरू कर दी है.

खैर, यह तो एक खबर है नजर दूसरी खबर पर

नवजात की गई जान वजह पाँच सौ और हज़ार 

देशभर में 500 और 1000 के नोट बंद किए जाने की कीमत मुंबई के गोवंडी में एक नवजात बच्चे को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी. यहां के जीवन ज्योत हॉस्पिटल एंड नर्सिंग होम के डॉक्टरों ने उसका इलाज करने के लिए इसलिए इनकार कर दिया था क्योंकि उसके माता-पिता के पास सिर्फ 500 रुपये के ही नोट थे. समय पर इलाज न मिलने के कारण अगले दिन बच्चे ने दम तोड़ दिया.

नर्सिंग होम ने 500 के नोट लेने से किया इनकार
मंगलवार की शाम सरकार की तरफ से 500 और 1000 के नोटको बंद करने के ऐलान के दौरान साफ तौर पर कहा गया था कि सरकार अस्पतालों में ये नोट फिलहाल चलते रहेंगे लेकिन बावजूद इसके कई जगहों पर इन नोटों को लेने से इनकार किए जाने के मामले सामने आए हैं. कुछ अस्पतालों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है.

समय से पहले दिया बच्चे को जन्म
नवजात की मौत के मामले में बच्चे की मां किरण का इलाज इस नर्सिंग होम की डॉ. शीतम कामथ 18 अप्रैल से कर रही थी. 500/1000 के नोट पर बैन लगाए जाने के ऐलान से एक दिन पहले यानी 8 नवंबर को किरण के टेस्ट हुए, जिसके बाद उन्हें बताया गया कि डिलीवरी 7 दिसंबर के आसपास होगी. लेकिन 9 नवंबर को किरण को अचानक लेबर पेन शुरू हो गया और रिश्तेदार और पड़ोसियों की मदद से उन्होंने बच्चे को जन्म दिया.

बैंक और एटीएम बंद होने की वजह से नहीं बदले जा सके रुपये 
मां और बच्चे की हालत खराब होने की वजह से दोनों को नर्सिंग होम लाया गया. डॉ. कामथ ने शुरुआती इलाज देने के बाद उन्हें भर्ती करने से इसलिए मना कर दिया क्योंकि जगदीश के पास 100 के नोट नहीं थे. 6000 रुपये जमा कराने के लिए उनके पास सिर्फ 500 के नोट ही उपलब्ध थे. बैंक और एटीएम बंद होने की वजह से वो नोट भी नहीं बदल सके.

नहीं पिघला डॉक्टर का दिल
परिवार के बार-बार अनुरोध करने के बावजूद डॉक्टर का दिल नहीं पिघला और उन्होंने किरण और बच्चे को वापस भेज दिया. शुक्रवार को बच्चे की हालत बिगड़ने पर उसे चेंबुर के डॉ. अमित शाह के यहां ले जाया गया लेकिन इस दौरान उसने दम तोड़ दिया.

स्वास्थ्य मंत्री ने दिया कार्रवाई का आश्वासन
महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. दीपक सावंत ने इस मामले में कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है. उन्होंने कहा कि अगर उन्हें शिकायत मिलती है तो उसे महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल को भेजा जाएगा और जरूरी कार्रवाई की जाएगी.
आखिर में, जिस मोदी जी के बारे में आप लोग जानते हैं या मैं जिस विश्वास को आप लोगों के जेहन में देखता हूँ मुझे नही लगता उस लोकप्रिय नेता कुछ ऐसा करे जिससे देश की आबादी को 2016 के वर्ष में भी कुछ इस तरह कुर्वानी देनी पड़े। 

बहुत-बहुत शुक्रिया
आपका दोस्त,
सिकेन शेखर बाजपेयी 
     
साभार- aajtak

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