
आपने कभी प्रधानमंत्री मोदी को गुंडावादी विचारधारा के ख़िलाफ़ आवाज उठाते देखा है क्या ? शायद देखा होगा ! मगर मौजूदा वक़्त की हक़ीक़त कुछ और ही इशारा कर रही है। मेरठ नगर निगम पार्षद एवं भाजपा कार्यकर्त्ता संजीव पुंडीर गुंडागर्दी विचारधारा के साथ भारतीय जनता पार्टी की झंडा लहराने पर तुला है और मेरठ से एक देशभक्त बीजेपी का नेता नही जो इस पर कुछ कह सके? मामला दरसअल मेरठ के एक दिग्गज पत्रकार त्रिनाथ मिश्र के द्वारा उठाया गया मुद्दा 'पार्षद की मनमानी' के बाद सुलगता चला गया। एक तरफ मेरठ संयुक्त व्यापार संघ के पदाधिकारीयों के द्वारा पार्षद एवं भाजपा कार्यकर्त्ता संजीव पुंडीर पर डेयरियों से सेटिंग कर उगाही करने का आरोप लगाया जा रहा है तो वही पार्षद इस खबर को समाज तक पहुँचाने वाले लोकतंत्र के इस चौथे स्तंभ को चुनौती देता दिख रहा है। सवाल दरअसल यह है कि मेरठ जिला से भाजपा में एक भी ज़िंदा देशभक्त नेता नही जो भारतीय जनता पार्टी की दामन को बचा सके? यह सवाल गंभीर इसलिये है क्योंकि भाजपा पार्षद संजीव पुंडीर ने अपने समर्थकों के साथ पत्रकार त्रिनाथ मिश्र के घर पहुँचकर धक्का मुक्की किया। जान से मारने की धमकी दिया। और इन सब के बाद यह भी कहा कि केंद्र में मेरी सरकार है। हमारा कोई कुछ बिगाड़ नही सकता। जरा सोचिये ...... क्या यही भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा है? अगर नही तो भारतीय जनता पार्टी सामने आये मेरठ के इस मसले को लेकर।
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