"आज हाजीपुर शहर में छात्र हित के ज्वलंत मुद्दे पर युवाओँ के साथ राष्ट्रीय युवा विकास परिषद के तत्वाधान में शहर भर में घूम कर विरोध मार्च निकाला गया"
जिस तरह बिहार बोर्ड के 10 वीं और 12 वीं के छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। वो घोर निंदनीय है। पिछले 1 महीने से उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य पूरी तरह ठप है। हद तो तब हो गयी जब शिक्षा विभाग ने प्राथमिक विद्यालय एवं मध्य विद्यालय के शिक्षकों को 10 वीं और 12 वीं की कॉपी मूल्यांकन के लिए नियुक्त कर दिया। ये शिक्षक सिलेबस तक नही जानते तो विषय की क्या जानकारी होगी इनको ? यह आप और हम बेहतर तरीके से समझ सकते है।
जिस कक्षा में वो पढ़ाते नही तो कैसे उन कॉपियों का मूल्यांकन करेंगे? 17 लाख छात्रों का भविष्य दाव पर लग चूका है। समय पर रिजल्ट प्रकाशित नही होने से बिहार के छात्रों को अच्छे संस्थानो में नामांकन लेना मुश्किल हो जायेगा। आखिर शिक्षकों और सरकार की लड़ाई में इन निर्दोष छात्रों का क्या कसूर? और अगर ऐसे अयोग्य शिक्षकों से कॉपी जांच करवाने की खाना पूर्ति की गयी तो इससे बड़ा कोई अपराध नही हो सकता। और पुनः बिहारी प्रतिभा को और बिहार को शर्मसार होना पड़ेगा। पहले से ही शिक्षा व्यवस्था की बहुत भद् पीट चुकी है। इससे तो और नुकसान पहुचेगा।
हम सरकार के इस फैसले का विरोध करते है। जिसमे वो अयोग्य शिक्षकों से कॉपी जांच करवा रहे है। हमने पत्र लिखकर शिक्षा मंत्री और माननीय मुख्यमंत्री जी से अविलंब बिहार की प्रतिभाओं से न्याय करने की अपील की है। आप सब भी इस ज्वलंत मामले पर पुरे बिहार में आवाज बुलन्द करें क्योंकि ये निर्दोष छात्र आपके हमारे छोटे भाई ही है।
आज के इस आक्रोश मार्च में संग़ठन के जिलाध्यक्ष रविशंकर जी, पदाधिकारी एवं सदस्य अंशु जी, शुभम् जी, कुंदन जी, प्रजित जी, प्रकाश गोलू जी, गुरुद्वार सिंह जी, निखिल जी, लव भारद्वाज जी, हृदय प्रकाश जी, राकेश, ब्रजेश जी, विकास जी, रंजन, दीपक जी, आकाश जी, हिमांशु, सूरज, अनिल, रोहित, गोलू सूरज, बंटी, सन्नी, अनमोल, रिषु, सोनू सहित छात्रों का हुजूम सड़को पर अपना विरोध जताया।
छात्र हित के इस पोस्ट को हो सके तो अधिक से अधिक शेयर करे ताकि पुरे बिहार के अंदर इसका कड़ा विरोध हो।
आभार: किशलय किशोर (अध्यक्ष- राष्ट्रीय युवा विकास परिषद, बिहार)





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