Thursday, August 31, 2017

दूरदर्शन अपनी विश्वसनीयता के साथ अभी तक कायम: अमिता कमल


दूरदर्शन का पहला प्रसारण 15 सितंबर 1959 को प्रयोगात्मक आधार पर आधे-आधे घंटे के लिए शैक्षिक और विकास कार्यक्रमों के रूप में शुरू किया गया। उस समय दूरदर्शन का प्रसारण सप्ताह में सिर्फ तीन दिन आधा- आधा घंटे होता था। तब इसे टेलीविज़न इंडिया नाम दिया गया। बाद में सन 1975 में इसका हिंदी नामकरण 'दूरदर्शन' नाम से किया गया। यह 'दूरदर्शन' नाम इतना लोकप्रिय हुआ कि टीवी का हिंदी प्रयाय बन गया। उस दौर में जब 'दूरदर्शन' का राज चलता था और मोहल्ले के इक्के-दुक्के घरों में ही टीवी हुआ करते थे। तब लोग कैसे टीवी सेट पर रामायण और महाभारत देखने के लिए बैठ जाते थे!


कहा तो यहां तक जाता है कि जब ये धारावाहिक आते थे तो पूरा परिवार हाथ जोड़कर देखता था। दूरदर्शन का पहला सीरियल था 'हम लोग' जिसने लोकप्रियता के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। इसके बाद आया भारत-पाकिस्तान विभाजन की कहानी पर आधारित कार्यक्रम 'बुनियाद' ये भी बहुत चर्चित हुआ। बाद में टीवी पर कृषि के  कार्यक्रम भी शुरू किये गए जो किसानों के लिए लाभकारी सिद्ध हुए।
                                     अमिता कमल


मुझे आज भी याद है उस समय रविवार का दिन तो दूरदर्शन का ही होता था। लोग सुबह उठकर टीवी सेट के सामने बैठ जाते कि 'रंगोली' कार्यक्रम आएगा। बच्चे 'मोंगली' का इंतजार करते। 15 अगस्त 1965 को दूरदर्शन पर पहला समाचार बुलेटिन शुरू हुआ था। जिसके बाद तो दूरदर्शन की लोकप्रियता और बढ़ी। सलमा सुल्तान जी की साड़ी और गुलाब के फूल ने खूब वाह-वाही बटोरी तो शम्मी नारंग जी का पेन उठाकर समाचार का समापन करने का अंदाज भी लोगों ने काफी सराहा। दूरदर्शन पर बीच-बीच में प्रसारित किये जाने वाले विज़ुअल्स भी काफी प्रभावकारी हुआ करता थे। जैसे:- 'मिले सुर मेरा तुम्हारा', 'स्कूल चले हम', 'सूरज एक चंदा तारे अनेक', और 'एक चिड़िया अनेक चिड़िया' जिन्हें हम आज भी याद करते है।

दूरदर्शन अपनी विश्वसनीयता के साथ अभी तक कायम है। 'दूरदर्शन' नाम न केवल टेलीविज़न जगत का इतिहास है बल्कि ये हमारी भारतीय संस्कृति का प्रतिनिधित्व करता है। 'दूरदर्शन' को केवल टीवी की संज्ञा देना उचित नहीं होगा बल्कि 'दूरदर्शन' अपने आप में एक शिक्षित करने वाला संस्थान है तो ऐसे संस्थान से कौन नहीं जुड़ना चाहेगा, इस संस्थान से मुझे प्यार है।


अमिता कमल
रेडियो अनाउन्सर, ऑल इंडिया रेडियो 

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