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| सिकेन शेखर |
भारतीय किसानों की स्थिति पर देश के प्रधानमंत्री मोदी की राय मुझे नहीं मालूम। किसानों की चुनौती और समस्याएं रियलिटी शो की तरह लोगों के जहन है मगर मोदी सरकार का रवैया आज भी ज़मीन में धसा है। आरबीआई के गवर्नर उर्जित पटेल को सामने आना पड़ता है किसानों के कर्जमाफ़ी पर ऐतिहासिक पलटवार करने के लिए। अंधी सरकार को इससे कितना सबक मिलेगा यह तो वक्त ही बताएगा मगर नजर जरा रिपोर्ट पर।
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) के गवर्नर उर्जित पटेल ने केंद्र और राज्य सरकारों से किसानों की समस्याओं को दूर करने के लिए कर्जमाफी की बजाए मूलभूत समाधान अपनाने को कहा है। पटेल ने यह बात आरबीआई द्वारा किसानों की कर्जमाफी पर चर्चा के लिए आयोजित सेमिनार में कही।
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| उर्जित पटेल |
पटेल के मुताबिक, 'किसानों की समस्याओं को सुलझाने के लिए फसल बीमा, बुनियादी ढांचा, सिंचाई, तकनीकी आधारित उत्पादकता जैसे पहलुओं पर ध्यान दिया जाना चाहिए। इसके अलावा पटेल ने कृषि अर्थव्यवस्था को बाजारी ताकतों और खुले व्यापार के लिए खोलने की वकालत भी की।'
आरबीआई गवर्नर ने कहा कि भले ही कर्ज माफी से किसानों के कर्जे का बोझ कम होता है, लेकिन विशेषज्ञों ने इसके कई नकारात्मक पहलू भी गिनाए हैं। पटेल के मुताबिक, इन नकारात्मक पहलुओं में वास्तविक जरूरतमंदों की पहचान में गलती, विलफुल डिफॉल्टर्स को बढ़ावा मिलना और क्रेडिट व्यवस्था का चरमराना शामिल है।




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