देश का ये कैसा नब्ज़ है जो आज एक प्रियंका को नई रूप देने की कोशिश में है। धरना-प्रदर्शन और आंदोलन के लिए..... वो भी आज। ऐसा क्यों? आज के दिन का कैसे इस देश को इंतज़ार हुआ? क्या देश किसी कतार में भी इंतेजार करने लगा है? तो एक सच है कि हम ऐसे देश के नागरिक हैं जहां एक लड़की को जन्म देने से लेकर उसकी निर्मम हत्या की साजिश में एक साथ खड़े हैं।
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Opportunity once again to show sympathy to 'weaker sheep disguised' as Women: Vidha Sharma
क्या देश का राष्ट्रपति...... और क्या प्रधानमंत्री? कोई कुर्सी के लिए महिला महिला कर के आता है तो कोई कुर्सी से जाता है। जो आज कुर्सी पर है वो तो सर्जिकल स्ट्राइक का जन्मदाता है। पाकिस्तान और आतंकवाद के लिए यूएन जाता है और हिंदुस्तानी लड़कियों के लिए सही से हिंदुस्तान का चक्कर भी नहीं लगाता है।
इसे समझाओ जरा, देश में घूम ले, जितने गुंडे पल रहे हैं समाज में उसके लिए भी आज के बेशर्म आईपीएस हीरो से कुछ चर्चा कर ले। हम जैसे बेवकूफ पत्रकार धरना-प्रदर्शन के फोटो से वीडियो और किस्से कहानियों में लगे रह जाते हैं। आज से कुछ वर्ष पहले तक तो किसी प्रियंका की हत्या तक कुछ पत्रकार अपनी विचार तक डस्टबिन बॉक्स में रखा करते थे अब स्तिथि दफ्तर के नोटिस बोर्ड तक इंस्ट्रक्शन के रूप में आ गया है।
इस देश का जवान किसी सीमा की सुरक्षा भी तो कर ही रहा है। अब सीमा का अर्थ कौन और कैसे समझाए? वही समझायेगा जिसे हीरोगिरी चमकाना है। जब जवान मरता है तो किसी का खून खौलता है और जब प्रियंका की निर्मम हत्या होती है तो माहौल सामने है।
आंदोलन पहले कानून बनाने के लिए फिर आंदोलन राजनीति में सत्ता पाने के लिए और इतना हो जाये तो फिर आंदोलन फांसी का फंदा बनाने के लिए और जब फंदा बनकर तैयार हो जाये तो फिर आंदोलन फंदा का इस्तेमाल करने के लिए।
करते रहो देश में नेतागिरी.....चमकते रहो। हर दिन किसी न किसी प्रियंका की हत्या हो रही है इसके सामने देश मोदी के साथ है जो प्योर देशभक्त सिपाही है। चौकीदार है। सेवा में लगा प्रधान है। अब देशभक्त सिपाही को क्या करना चाहिए? चौकीदार को क्या करना चाहिए? सेवा में लगे प्रधान को क्या करना चाहिए क्या नहीं? इन सब पर चर्चा मत कीजियेगा क्योंकि बेशर्मी की और हदें पार हो जाएगी। भारी बहुमत का हीरो है। कुछ तो पहले आपने चर्चा किया ही होगा। साथ में आरएसएस भी है। सुप्रीम कोर्ट भी है। रावण को मारने वाला राम भी है। और थप्पड़ खाने की सलाह देने वाला गाँधी भी। देश चल रहा है चलने दो।

1 comment:
तो सुन लीजिये सिकेन ने फिर से मोदी के नाम लेकर ज़हर उगला है। इस बार डॉ. प्रियंका रेड्डी को लेकर सिकेन ने अपने बेख़ौफ़ विचार को सोशल मीडिया पर रखा है। देश के एक-एक नागरिक को अपने शब्दों से हौंका है। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, जवान, आईपीएस ऑफिसर समेत देश के पत्रकारों पर सीधा हमला किया है। कुछ लोग महिलाओं के मसले पर मीडिया स्पेस और सोशल मीडिया का पोस्ट बन रहे हैं उन्हें भी आंदोलन करने के इस माहौल में ललकारा है। जिसे सिकेन को देशद्रोह कहना है कहते रहो। सरकार और सिस्टम की लापरवाही के सामने सवाल और इवेंट्स का एजेंडा चलाने वाले सिकेन को अगर वक्त हो तो एक बार सुन लो, बाद में अगर आज भी लगे कि मोदी के ख़िलाफ़ है तो देश के ख़िलाफ़ कह देना। समाज में पनप रहे गुंडे को लेकर पीएम मोदी को इस वीडियो में साफ़ साफ़ नसीहत है। सिकेन ने कहा है, गुंडे की समाप्ति के लिए मोदी को देश में घूमने की जरुरत है। अगर यह सन्देश दे सकते हो तो दे दो। मन की बात जितना लोकप्रिय हुआ अगर मोदी गुंडों की तलाश में देश में घूमेगा तो एक झटके में महिलाओं के खिलाफ हो रहे अत्याचार खत्म हो जायेगा। सोचना एक बार.... सिकेन फिर से कुछ कहा है। जय हिन्द।
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