प्रिय अमित शाह जी,
आप नेता हैं। जनता हैं। व्यापारी हैं। कोई फर्क किसी को नहीं पड़ता। आप कैब लाइए, टैब लाइए, गैब लाइए या लैब लाइए? एक बार सोचिये किसके लिए ला रहे हैं? आप अपनी आत्मा से पूछिए जनता ने आपको एक मौका दिया है। आपने क्या किया?
आप नेता के हैसियत से सोचिये। वोट व्यापारी के हैसियत से सोचिये? भाजपा में वोट लाना सिर्फ किसी अमित शाह का काम नहीं हो सकता इस पृथ्वी पर। आपके जैसे इस पृथ्वी पर कितने अमित और कितने शाह होंगे। आपसे बड़े भी और छोटे भी। मगर आप एक मात्र अभी हेडलाइंस मैन हैं।
आपका एक सिंगल निर्णय इस देश को हिला सकता है। उस निर्णय के सामने न कोई प्रकृति, न कोई भगवान और न कोई अल्ला कुछ नहीं कर सकता। मगर आप फिर भी सोये हैं। अरे साहब, आप देश की जनता को कैसे ख़ुशी दे सकते हैं उस पर निर्णय कीजिये। हेडलाइंस मैन का टैग जिस दिन हटा उस दिन वोट और कोट का खेल खेलते रहिएगा। मौका बहुत होगा।
आज आप जहां बैठे हैं वहां एक शब्द लिखना आपके हैसियत से बहार है? अरे साहब, इस देश में कौन आपको चुनौती दे रहा है? आप बॉस हैं। आप ऊर्जावान हैं।
आप अपने भारत माता से कैसा प्यार करते हैं कि भारत माता के संतानों को लहूलुहान होने के लिए मैदान में छोड़ दिए हैं। बचा लीजिये इस देश को। इस देश को एक अमित शाह मिला है उसे कुर्बान कर दीजिये इस देश की ख़ुशी के लिए।

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