Thursday, June 18, 2020

India-China Clash:यह एक ऐसी बकवास है जिस पर कभी रोक नहीं लगाया जा सकता: SikenShekhar


चाइनीज प्रोडक्ट और भारत में चाइनीज ठेका बंद करके अगर भारतीय जवानों को आप श्रद्धांजलि देने के मिजाज में हैं तो यह एक ऐसी बकवास है जिस पर कभी रोक नहीं लगाया जा सकता। देश की हकीकत पर लालटेन जला ही लीजिये। जमीन के मसले पर जिस भारत में हर घंटे केस और मार काट की खबर बनती है उस तस्वीर पर भी जरा आपको नज़र डालने की जरुरत है। रिपोर्टिंग ग्राउंड में जब सिकेन सामने होता है तो आप ही वो भारत के लोग हैं जिसके दम सबसे ज्यादा घूँटते हैं जमीनी विवाद पर।

आखिर क्यों? कैसे? और किस रूप में आप महान कहलाते हैं? अब आते हैं चीन के मसले पर। सबसे पहली बात जिस मॉडल पर आप लोग चल रहे हैं, जवानों की तस्वीर जो बन रही है, यह कोई नई तस्वीर नहीं, जी 'हाँ' तस्वीर नई नहीं है।

स्थिति के बीचों बीच जितनी मर्जी आप झंडा लेकर जय भारत कर लीजिये, स्थिति बदलने वाली नहीं। कल भी ऐसे खबर आते रहेंगे। 10 वर्ष बाद भी आएंगे। 73 वर्ष के दहलीज पर जब खड़ा हुआ भारत के सामने जब ये हाल है तो अगले 73 वर्ष में भी ये तमाम तस्वीरें मौजूद रहेंगी, क्योंकि हर दिन ऐसी खबर का भारत के साथ एक लंबा चौड़ा  इतिहास जुड़ा है। ऐसे में आप क्या सोचते हैं सिकेन के लिखने से कुछ जिंदाबाद होगा, तो 'नहीं' अब सुन लीजिये आपके कोई भी स्टेप लेने से इस ओर कुछ नहीं होने वाला।

1947 के पन्नों को पलट लीजिये। कौन सा प्रोडक्ट बंद किये थे वो भी याद कर लीजिये? विवाद क्या था वो भी याद कर लीजिये? भारत में ब्रिटिश प्रेम है। पीएम मोदी से अब आपकी पहचान है। क्योंकि ब्रिटिश में इमेज बिल्डप हुई है। ब्रिटिश के इतिहास को मत पढियेगा नहीं तो अपने मुंह को देखने में भी आपको शर्म आने लगेगी।

 47/65/71/84/87/99/ के इतिहास में भी एक बार कहानी दुहरा लीजिये। क्या मिला है वो भी बता दीजियेगा। और ये सब आपका तमाशा खत्म हो जाये तो दस राजाओं का युद्ध जब भारत में सबसे पहले हुआ तो उस दौर के भी प्रोडक्ट को याद कर लीजियेगा, क्या? और कैसे आपने बॉयकॉट किया? आँख खोलो देश भक्तों और सोचो कि ऐसा क्या हो सकता है कि किसी भी स्थिति में आज के भारत में एक जवान की भी जान न जाये। जय हिन्द - सिकेन शेखर बाजपेयी   

No comments:

Featured Post

जसबीर कविता मंच द्वारा काव्य संग्रह 'प्रकृति और भावनाएं' का विमोचन

जसबीर कविता मंच डॉ. जसबीर कौर ने 2020 में संस्थापित किया। इस काव्य मंच पर सभी कवि कवयित्री अपने मन के उद्गार व अनुभूतियां सांझा करते हैं। इस...