यह कैसी ? विडम्बना की संविधान के विचार धारा से भी अलग है मोदी और मोदी की टीम की विचार धारा
बात चाहे कुछ भी एक शब्द के लिए इतनी मतभेद क्यों ? ?
फिर विश्व में आखिर भारत देश की अपनी पहचान भी तो वही है
पाकिस्तान का अलग होना भी तो हमारे लिए कुछ शर्म की बात थी
क्या हमें फिर से बँटवारा करने की जरूरत है ? अगर नही तो मोदी जवाब दें और बंद करे भाजपा के नेता वोट बैंक की घटिया नजरिया

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