"बिहार को विशेष राज्य का दर्जा" कोठे की तवायफ से कुछ कम नही :-- सिकेन शेखर
लोकसभा चुनाव के पहले नरेंद्र मोदी को बिहार से मोहब्बत तो नही हुई थी लेकिन मजा लेने आ गए थे जिससे जोश में आकर कह दिए कि हम बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलाएंगे अगर उनकी सरकार बनी तो।
मगर फिलहाल सरकार बन चुकी है अब तक मोहब्बत करना मुनासिव नही लगा चुनाव के इतने दिनों बाद भी।
इंदौर में गुरुवार को वैश्विक निवेश सम्मेलन में नरेंद्र मोदी ने कहा कि 100 अरब डॉलर विदेशी निवेश भारत का दरवाजा खटखटा रहा है । यह राज्योँ पर निर्भर करता है कि वे जितना चाहे इसका लाभ उठा सकते है।
मगर फिलहाल सरकार बन चुकी है अब तक मोहब्बत करना मुनासिव नही लगा चुनाव के इतने दिनों बाद भी।
इंदौर में गुरुवार को वैश्विक निवेश सम्मेलन में नरेंद्र मोदी ने कहा कि 100 अरब डॉलर विदेशी निवेश भारत का दरवाजा खटखटा रहा है । यह राज्योँ पर निर्भर करता है कि वे जितना चाहे इसका लाभ उठा सकते है।
लाभ उठाए या मजा अब तक नीतिश कुमार सोच ही रहे थे तो उन्हें समझ आया कि जरा हम भी बिहार का मजा चख ले तो उन्होंने बिहार को विशेष राज्य का दर्जा तथा केंद्र सरकार द्वारा बिहार की उपेक्षा/भेदभाव के खिलाफ 20 अक्टूबर को जदयु बिहार राज्य के सभी जिला मुख्यालयों पर धरना देना लगा ।
इन्हें मोदी की बात समझ नही आती।राज्य और केंद्र के बीच 1और1 का कैसा रिश्ता हो? पास-पास/साथ- साथ का।
खैर इनकी मर्जी जितनी मजा है ये बस लेते रहे बिहार की जनता तो राम भरोसे थी और है।
<सिकेन शेखर>
<सिकेन शेखर>

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