अभी - अभी
मेरे सहयोगी
द्वारा एक
तस्वीर मुझे
भेजा गया
है इस
पर प्रतिक्रिया
देने के
लिए तो
मैंने सोचा
चलो आप
लोगों से
ही जानते
हैं -
क्या Red Carpet ना होने से मोदी जी के इमेज और मेहमानबाजी पर असर दिखता है?
या, कही डॉक्टर मनमोहन सिंह जी के समय से अब के समय में विदेशों में भारतीय प्रधानमंत्री की कुर्सी की गरिमा कही नीचे तो आती नही दिख रही ?
आज मैंने इस तरह एक पोस्ट फेसबुक पर शेयर किया उसके बाद सागर शर्मा जी और मेरे बीच 2 टूक बहस हुई। आप सभी के बीच शेयर करने जा रहा हूँ आप अवश्य पढ़े और प्रतिक्रिया करें।
सागर शर्मा क्या कारपेट इतना बड़ा मुद्दा है ? प्रधानमंत्री कोई भी हो मुद्दा देख कर विरोध किया जाना चाहिये ! भेड़चाल मे बहना बंद कीजिये
Journalist
S. Shekhar अपनी
प्रतिक्रिया हमसे अवश्य साझा करें अगर आपकी सिर्फ मुझे लाइक मिलेगी तो मैं समझुंगा यह सवाल उठना लाजमी है. इसलिए अपनी बात अवश्य कमेंट के माध्यम से रखें
Journalist
S. Shekhar इंडिया
में जितनी वीआईपी कल्चर डेवलप की है शायद यह तस्वीर वाकई सवाल के निशाने पे होना चाहिए ।
सागर शर्मा फ़िर ये कल्चर नहीँ रूकेगा ! मीडिया से जुड़े लोग अगर कुछ गैरजरूरी मुद्दों को उछालना छोड़ दें तो शायद नेता ,अभिनेता ,नौकरशाह और बिजिनेस टायकून्स गैरज़रूरी आचरण बंद कर दें ! दूसरों पर हम सवालिया निशान क्यों लगाते है जबकि सवाल हम पर भी हैं ?
Journalist
S. Shekhar वक्त आने
पर तो सवाल
उठते ही है।
मुझे लग रहा
है थोड़े मुद्दे
से अलग हो
रहे है। चलिए
आपके प्रतिक्रिया से
हमें यह समझ
आया कि इस
मुद्दे को दरकिनार करो
। कुछ देर
बाद मैं कुछ
ऐसे तस्वीरें साझा
करूँगा जो आपके
वीआईपी कल्चर से
भारतीय जमी पर
हम विदेशी वीआईपीओं की
स्वागत किस तरह
करते है ।
जिससे साफ तौर
पर साबित होगा
यह मुद्दा कितना
जायज है।
सागर शर्मा भाई मैं
आपके मुद्दे से
वाकिफ हूँ मैं
बस यह समझाना
चाह रहा हूँ
कि क्यों नहीँ
ठीक वैसा ही
स्वागत भारत मॆं
हो सकता ? स्वागत
के लिए भारतभूमि कभी
मिसाल हुआ करती
थी लेकिन जिस
सभ्यता मॆं हम
लिप्त होते जा
रहे हैं उसके
साथ मैं कभी
साथ खड़ा नहीँ
होना चाहता !
सागर शर्मा स्वागत स्वरूप
अरबों खरबों पानी
मॆं बहा कर
हम वाहवाही लूट
लेते हैं लेकिन
गरीब को रोटी
देने के नाम
पर बस खिसिया
देते हैं ये
दुखद नहीँ है
? प्रधानमंत्री के स्वागत मॆं
की गई इस
तरह की पहल
सभी राष्ट्राध्यक्षों को
करनी चाहिये ! सभी
राष्ट्राध्यक्षों
को एक दूसरे
का स्वागत सादगी
से करना चाहिये
न कि रेडकारपेट मॆं
आँकना चाहिये !
Journalist
S. Shekhar हमारे प्रधानमंत्री चाय
बेचा करते थे
इससे डाउन कोई
हो सकता है
क्या ? मगर विदेशी
धरती पर जिस
तरह से मेहमानबाजी में
प्रधानमंत्री के साथ इस
तरह कि तस्वीरें देखी
गई है आने
वाले दिनों में
विदेशों में भारतीय मेहमानों के
लिए मेहमानबाजी मुद्दा
बनता दिख रहा
।
सागर शर्मा मतलब हम
कभी बदलाव को
नहीँ स्वीकार सकते
? जी कुरितियां अब
तक चली आ
रही हैं उन्हे
निर्बाध चलने देना चाहिये
?
Journalist
S. Shekhar बदलाव तो
होनी चाहिए मगर
नकारात्मक बदलाव यह काले
दिन के सूचक
है। सकारात्मकता है
इसके साथ बदलाव
हो
सागर शर्मा किस प्रकार
की नकारात्मकता देखते
हैं इसमे ? क्या
आप स्वीकार करते
हैं कि आप
वीआईपी कल्चर के
पक्षधर हैं ?
सागर शर्मा फ़िर तो
चाय वाले प्रधानमंत्री का
उदाहरण देना बेमानी
होगा क्योंकि वीआईपी
कल्चर के मुताबिक किसी
पूर्व प्रधानमंत्री के
बेटे पोतों को
इस पद पर
आना चाहिये था
सागर शर्मा ये आपकी
सोच है आपके
हिसाब से स्वीकार्य नहीँ
होगी लेकिन मैं
इसे शुरुवात के
रूप मॆं देखना
चाहूंगा और चाहूंगा कि
इसकी पुनरावर्ती भारत
मॆं भी जोर
शोर से की
जाये ! कभी ओबामा
कभी नवाज़ ,कभी
क्लिंटन पर करोड़ों बर्बाद
होने से बचेंगे
!
सागर शर्मा जी हाँ
वही बदलाव है
! लाल बहादुर शास्त्री ने
भी वीआईपी कल्चर
दरकिनार किया था ! क्या
उनकी और भारत
की साख गिर
गई ? मोदी के
मामले मॆं ऐसा
क्यों ?
सागर शर्मा डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद
ने आजीवन अपना
वेतन राष्ट्र को
समर्पित किया ऐसे शक्स
वीआईपी कल्चर के
खिलाफ़ रहे ! फ़िर
हम आज क्यों
करोड़ों रुपये बहा
रहे हैं ?
सागर शर्मा Hahaahah
Journalist
S. Shekhar मेरा सवाल
है क्या भारत
के द्वारा मेहमानबाजी में
वीआईपी कल्चर को
दरकिनार किया जा रहा
है या नही
? और क्या प्रधानमंत्री मोदी
जी के द्वारा
?
सागर शर्मा चलो भाई
आपका वीआईपी कल्चर
आपकी मुबारक ! हम
सदैव इसकी मुखाल्फत करेंगे
! चाहे कोई भी
हो सादगी से
बड़ा कोई सम्मान
नहीँ !
सागर शर्मा लेकिन हम
नाकारात्मकता छोड़ कर ये
सवाल उठायें कि
भारत मॆं ऐसा
क्यों नहीँ हो
सकता बेहतर होगा
Journalist
S. Shekhar अगर ऐसा
नही होता है
तो ऐसे कितने
चित्र सामने आएँगे
जब भारत में
कुछ दिखेगा और
विदेशों में कुछ ।
आज 5 स्टार की
रफ्तार भारत और
विदेशों में एक जैसी
है । और
आज के मंत्री
उस पर बैठ
कर सवारी कर
रहे है ।
Journalist
S. Shekhar Hahahhaha smile emotion
सागर शर्मा बिल्कुल सहमत
हूँ ! तस्वीरें आयेंगी
कहाँ से ? रोजाना
हम ही कैद
करते हैं ! इसके
लिए हम क्या
कम कसूरवार है!
Journalist
S. Shekhar smile emotion
सागर शर्मा मीडिया से
लेकर राजनीतिज्ञ ,नेता
से लेकर अभिनेता ,सब
को वीआईपी बनने
की चाह है
! कभी पत्रकार पैदल
यात्रा करते थे
,एक कागज कलम
से बेहतर पत्रकारिता पेश
करते थे आज
वीआईपी पत्रकारों की
ज़मात खड़ी है
!कहाँ नहीँ है
वीआईपी कल्चर ?
सागर शर्मा हम बस
उसी ओर दौड़
पड़ते है जिस
तरफ़ शोर सुनाई
दे ! अर्रर्र जहाँ
शोर है वहाँ
तो तमाशा होता
है ! जहाँ सन्नाटा होता
है खबरें वहाँ
से शरू करो
तब देखो आपकी
पत्रकारिता नजीर पेश करेंगी



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