Thursday, August 18, 2016

संविधान ने धर्म जैसे शब्दों पर साजिश के तहत राष्ट्र में अपना डेरा चलाया है- सिकेन शेखर

सिकेन शेखर 
हम इस वजह से कोई त्योहार और खुशियाँ नही मनाते कि उसका दिन और दिवस पहले से तय होता है। हम त्योहार और खुशियाँ तो तब मनाते है जब अपने मेहनत और लगन से किसी दिन और दिवस को तय होने पर मजबूर करते है।

संविधान ने धर्म जैसे शब्दों पर बहुत साजिश के तहत इस राष्ट्र में अपना डेरा चलाया है। मुझे दुख है।

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