जो जुनून, जो होश, जो मकसद 1 जनवरी 2019 को था, आज 31 दिसंबर 2019 को भी वही है। न मेरे लिए कोई रेस था, न कोई गेम और न ही कोई मात देने वाला शख्स। मेरी मंजिल भी सिकेन, सफर भी सिकेन, हार भी सिकेन और जीत भी सिकेन।
इस वर्ष के एक एक वक्त, एक एक क्षण 'एक साथ' किये और इसे अपने साथ मैंने साझा किया। जमकर किये। वैसे तो हर दौर में गम था, मगर मेरा वो 'सिकेन का रेडियो'जिसने खुद से प्यार करने का एक सलीका दिया। मेरे सारे दोस्त सोचते थे, सिकेन को लगता है प्यार हो गया है और मैं था जो इस बात को अनसुना कर देता था।
वैसे, 2019 के लिए अगर एक शब्द मुझे देना हो तो वो है 'रिलेशनशिप' मतलब यह कि मैंने इस शब्द के इर्द-गिर्द सबसे डिफरेंट अनुभव किया। बिहार को बहुत करीब से देखा। यहां की गरीबी, चुनौती, और इन चुनौतियों के नाम पर हीरो बन रहे आप नेता लोगों को। लम्बा चौड़ा रिसर्च किया हूँ।
मोदी जी को भी हमेशा एक्सपोज़ करने के लिए उनके क्लासिक भाषण को डाउनलोड करना, एडिट करना और फिर अपलोड करना सबसे इंटरेस्टिंग रहा। आपमें से बहुत लोग जिन्हें मैंने इवेंट में सहयोग नहीं किया उन्हें किसी और मोड़ पर जरूर समर्थन करूंगा।
बिहार में सबसे इंटरेस्टिंग सफर मेरा इस वर्ष ये रहा कि मैं अपने मेहनत का 99.1 परसेंट जगहों पर एंकरिंग के दौरान सिर्फ 10-15 % फी पाया और उसके बदले में जो किया ओ मुझे कहने की जरुरत नहीं। और न ही मुझे उसकी कोई क्रेडिट लेनी है....और 'हाँ'. ये सब करना बहुत सामन्य सी बात है कोई भी कर सकता है।
सिकेन तो बहुत सामन्य सा एक शख्स है, अगर आपको मेरे सम्बंधित कोई इंटरेस्टिंग स्टोरी याद हो तो यहां जरूर साझा कीजियेगा।
आगे 2020 की शुरुआत है। आप कैसे इसे इंटरेस्टिंग बना रहे हैं सब्जेक्ट लाइन में '2020 और मैं' लिखकर जरूर ईमेल कीजियेगा <siken.shekhar@gmail.com> पर।

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