* सिकेन शेखर बाजपेयी
एक साधारण शख्स को भी जब अपने चेहरे आईने में पसंद नहीं आते तो फेयर एंड हैंडसम से लेकर फेयर एंड लवली तक का सहारा लेता है, इसीलिए न कि हम अच्छे दिख सकें। मगर इसके विपरीत एक ऐसा भी शख्स है जो खुद के चेहरे पर लगातार सोच और विचार के माध्यम से अपने चेहरे पर कालिख पोतता है और आईने के सामने जब खड़ा होता है तो उसे उसकी छवि खूबसूरत लगती है।
सिकेन अब दो टूक में इस बात को कहेगा। कुछ लोग सोचते हैं भैया, सकारात्मक सोचो मगर कभी ये नहीं बोलेगा कि सकारात्मक करो और सकारात्मक काम के साथ आगे बढ़ो। और ऐसे लोग आपके समक्ष दिख जाए जो सकारात्मक सोचे, बोले और करे तो उसे भी परखो और देखो कि उसकी औकात सकारात्मकता की कितनी है?
आप लोग हर किसी को बाबा मत बना दो। किसी भी इंसान को नेता जानवर की तरह मत बना दो। आपकी नस्ल को बर्बाद कर देगा। किसी की तारीफ में इतना भी झंडा मत गाड़ दो कि जब वो अपने चौराहे से किसी दूसरे चौराहे पर जाए तो उसकी औकात दो कौड़ी की दिखें।
सावधान हो जाओ, आज के पहले और अब तक आये एक-एक सफलता के फॉर्मूला और मंत्र से। भूल जाओ अपने समक्ष हर उस इंसान को जिसने अपने ज़िंदगी में प्रवचन के सहारे एक दुनिया बनाई है। उसकी यात्रा के हर पहलू को ध्यान से पढ़ो और समझो और अगर उसकी कहानी आपके दिल को छू जाए फिर भी भक्त मत बनो। संदेह की निगाहों से उस पर नज़र रखो।
जिस खूबसूरत दुनिया में आप रहते हैं उस खूबसूरत दुनिया में सबसे खूबसूरत इंसान आप खुद हैं जिसे इस संसार की शक्ति ने बनाया है। अपनी नजरिया से खूबसूरत दुनिया को एक बार देखने की कोशिश कीजिये हर परत सामने आ जाएगी। यही आपकी सिद्धांत और विचारधारा की दहलीज होगी। आप अपने से छोटे कद वाले इंसान को सबसे ज्यादा प्यार करो बड़ो को प्यार करने की आदत खुद व् खुद आ जाएगी। अगर छोटे कद के लोगों को सम्मान और प्यार नहीं दे सकते तो समझ लो आप हर जगह मात खाओगे।
आपके सोच को हर चौराहे पर लोग दुत्कारेंगे। यह एक बाबा टाइप विचारधारा है सिकेन कभी इस तरह की बातें नहीं करता। अपने को परिवर्तन लाने में मेहनत के सहारे बदलाव की छवि में मज़ा आता है। बकवास तो अपने भेजा में एक शब्द भी नहीं गटका जाता। आप सब लोग मस्त रहो। रोड छाप भाषा कोशिश करूंगा फिर से इस्तेमाल न करूं। जय हिन्द दोस्तों।

No comments:
Post a Comment