* डॉ. किशन कुमार नेहरा
इलेक्ट्रो होम्यो पैथी के लिए आज यह सम्मान व गौरव की बात है कि मैनेजमेंट गुरु के नाम से विख्यात डॉ. एम.एस. खान सर ने सिन्हा इलेक्ट्रो होम्यो अनुसंधान केंद्र द्वारा आयोजित किये जा रहे इस वेबिनार की शुरुआत में अपने उच्चस्तरीय विचार प्रकट करते हुए हमें एक नई दिशा दिखाने का प्रयास किया है।
अपने संदेश में डॉ. खान सर ने सिन्हा इलेक्ट्रो होम्यो अनुसंधान केंद्र को कोरोना काल के इस विकट समय में आयोजित किये जा रहे वेबिनार के इस नए कॉन्सेप्ट को सराहा एवं केंद्र द्वारा चिकित्सा जगत में कैंसर जैसे जटिल रोगों में दिए गए अभूतपूर्व रिजल्ट्स की भूरी भूरी प्रशंसा की।
उन्होंने भविष्य में भी अनुसंधान केंद्र द्वारा ऐसी ही और अधिक चिकित्सकीय खोजों के माध्यम से समाज में योगदान देते रहने की आशा व्यक्त की।
इलेक्ट्रो होम्यो पैथी एंड मैनेजमेंट विषय पर संदेश देते हुए डॉ. खान सर ने कहा कि मैनेजमेंट का महत्व व उसकी आवश्यकता को ना केवल किसी क्षेत्र विशेष तक ही सीमित करके देखा जाये बल्कि मैनेजमेंट को देश के हर प्रोफेशन व क्षेत्र में सम्मिलित कर उस क्षेत्र विशेष की पेशेवर क्षमता व गुणवत्ता को उसकी पराकाष्ठा तक पहुँचाने को वर्तमान परिदृश्य में समय की मांग बताया।
आज की जरूरतों के मद्देनजर उन्होंने इलेक्ट्रो होम्यो पैथी एवं मैनेजमेंट के संगम को बहुत ही अपरिहार्य व अत्यंत कारगर कॉम्बिनेशन बताया जो की इस चिकित्सा पद्धति को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है।
सर ने जहाँ एक ओर इस पैथी के चिकित्सा संस्थानों के स्टाफ में टीम वर्क की भावना विकसित करने की जरूरत बताई वहीं दूसरी तरफ रोगी को उपचारित करने के साथ साथ आज के समय में कैंसर जैसे जटिल रोगों में मानसिक यातनाओं से गुजरने वाले उसके परिवार को भी बेहतर कॉउंसलिंग के माध्यम से उस रोग के प्रति जागरूक कर उन्हें भी मनोवैज्ञानिक रूप से सक्षम बनाने की आवश्यकता बताई।
अगर दूसरे शब्दों में समझा जाये तो उन्होंने चिकित्सा विज्ञान में "अटेंडेंट एजुकेशन एंड अवेयरनेस प्रोग्राम" का एक नया कांसेप्ट दिया है जिसके माध्यम से ना केवल मरीज बल्कि उसके अटेंडेंट्स में भी एक नई समझ व जागरूकता का संचार हो सके।
किसी भी रोगी द्वारा किसी जटिल रोग को हराने में उन्होंने अटेंडेंट को रोग व उसके उपचार के बारे में अधिक जानकार बनाये जाने को अत्यंत आवश्यक बताया ताकि हॉस्पिटल में कुछ समय तक ट्रीटमेंट लेने के बाद घर जाकर ट्रीटमेंट कंटिन्यू करने वाले रोगियों को उनके परिजन, डॉक्टर द्वारा निर्देशित व अपेक्षित परहेज आदि में बेहतर सहयोग उपलब्ध करवा सकें जो की निश्चित ही ऐसे जटिल रोगों में मिलने वाले सफल नतीजों में अप्रत्याशित रूप से वृद्धि करने में माध्यम बनेगा।
अटेंडेंट्स के इसी अवेयरनेस व एजुकेशन प्रोग्राम के नतीजतन ही मरीजों द्वारा ईलाज अधूरा छोड़ देने की संभावना भी कम हो जाने से सफलता का प्रतिशत भी निश्चित ही बढ़ेगा।
अगर उनके पूरे स्पीच का सार निकाला जाए तो उन्होंने किसी भी चिकित्सा पद्धति में सफलता प्रतिशत बढ़ाकर उसे नई ऊंचाइयों तक पहुँचाने में स्टॉफ व रोगी के अटेंडेंट को महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए चिकित्सा संस्थान में समावेशी प्रबंधन को अपरिहार्य बताया।
इलेक्ट्रो होम्यो पैथी के विकास व इसकी सफलता को पराकाष्ठा तक पहुँचाने हेतु डॉ खान सर द्वारा दिये गए इस अत्यंत प्रेरणादायी व अभिनव कॉन्सेप्ट से निश्चित ही इलेक्ट्रो होम्यो पैथी जगत को एक प्रेरणा व नई दिशा मिल सकेगी।


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