जिस राजनीत के जरिये बिहार के लिए पॉलिसी का बनाना एक मात्र उपाय कह लें या ऑप्शंस.... वो महत्वपूर्ण है तो आज के जो रोड पर युवा नेता बनने के लिए उतारू हैं, उनको ये सब बातें कितना समझ में आती है? और इसके सामने चाहे लालू का लाल हो या रामविलास का लाल, जबकि हकीकत इस राज्य में पॉलिसी का ज़मीन पर उतरना महत्वपूर्ण है तो यह लाल आज क्या कर रहे हैं? और जो आपके आस पास नेताओं की रैली कह लें या भीड़, तो उस भीड़ ने आपसे क्या कहा? हाजीपुर में या जिस वैशाली से मैं आता हूँ उस वैशाली में किसी का नेता बन जाना आसान है मगर उस नेता का बच्चा, बच्चा उसका बेटा नहीं बल्कि उसके द्वारा पैदा किया हुआ एक दो ऐसा कार्य जो यहां की आम जनता को राहत दें... वो तस्वीर यहां दिखती नहीं। तो आप कौन से भीड़ को जन्म दे रहे हैं? यहां पर मैं आपसे कहूंगा कि यहां तो पॉलिसी की क्षमता को खत्म करने जैसी राजनीति है जिसमें जनता की जान ली जाती है। तो आप समझिये कि आपको आपका नेता किस मोड़ के लिए चाहिए? और बिहार को बदलने की होश रखने वाले हीरो किस किस मोड़ पर काम कर रहे हैं? इसको समझिये जरा। बिहार में जिस तरह की हमने आज के पहले माहौल को बनाया है वह अद्भुत और अद्वितीय रहा है। यहां के लोग शब्दों के साथ जस्टिफिकेशन में बोल्ड हैं, कांफिडेंट हैं और मार धाड़ के साथ तेज़ तर्रार भी तो बिहार में क्या पॉलिसी मेकिंग के लिए युवाओं की जरुरत है? इस पहलू को भी समझिये जरा
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