Sunday, September 27, 2020

गृह मंत्रालय से लेकर बाल विकास तक सब मूर्खों के हाथ में: सिकेन शेखर बाजपेयी

मोदी जी जब से पीएम के सत्ता पर बैठे तब से अब तक बिहार के 9 आरटीआई कार्यकर्ता को गुंडों ने मौत के घाट उतार दिया। मगर साहब ने चूँ तक नहीं किया। नीतीश कुमार तो बहुत वीआईपी सीएम हैं साहब। गलती क्या थी इन कार्यकर्ताओं की? इन्होनें तो आपके सामने समाज कल्याण की योजनाओं में हो रहे गड़बड़ी को उजागर किया। चंपारण के एक लाल ने तो पुलिस भर्ती में हो रहे भ्रष्टाचार की काली चिट्ठा को खोला मगर इस देश का दुर्भाग्य देखिये सब कुछ विकास के सामने बौना बनता चला गया।

यह सच है कि इस देश में किसी की मौत की कीमत सच बोलना है। आप लोग भी झूठ बोलना सीख लीजिये। जो लोग झूठ बोलना नहीं सीख सकते उन्हें कुछ और बोलना सीखना पड़ेगा। आप लोग बहुत ट्रेंड लोग हैं। शुद्ध हिंदी आती है। शब्दों के खेल में किसी को भी मात दे सकते हैं। गेम आगे बढ़ाइए। पॉज करने में कोई मज़ा नहीं है। मेरी तो हिंदी भी टूटी फूटी है। विद्यालय के दिनों में भाषा पर ध्यान नहीं गया। पत्रकारिता के पाठन में सब कुछ अचानक क्रियाकलाप बनता चला गया। 3 वर्ष वाला पढ़ाई 1 वर्ष ही हाथ लगा। जैसे तैसे यहां तक आ गए। आईआईएमसी वाले और डायरेक्ट बाइक पर माइक आईडी पकड़ के चलने वाले पत्रकार में मुझे कोई अंतर नहीं दिखता साहब। दोनों को एकसमान ख़ुशी मिलती है नेता जी से मिलकर। सवाल तो दोनों के गायब है।

आम जनता के सामने अब अंग्रेजों के शासन जैसा हाल है। गृह मंत्रालय से लेकर बाल विकास तक सब मूर्खों के हाथ में है। पैसा का जुगाड़ कीजिये। चुनाव में खुद भी खड़ा होइए अपने साथ 10 आदमी को और खड़ा कराइये। क्योंकि ये वही मुर्ख लोग वहां बैठे हैं जिसे चुनाव प्यारा था। और जब आप जीतकर आइयेगा तो सच बोलने वाले को पीएम के कुर्सी के लिए सलाह दीजियेगा। और जब कोई सच बोलने वाला इस देश में मारा जाये तो सात दिवसीय राजकीय शोक मानाने का फॉर्मूला का विस्तार कीजियेगा। गुंडे को सात जन्म भी होश न आये वैसा पाठ पढ़ाइएगा। खुद समझ में न आये तो कश्मीर वाले जवान बंधु को इन गुंडों को सबक सीखने के लिए बुला लीजियेगा। और मोदी मंत्रिमंडल में जितने गुंडे लोग नेता बना हुआ है इस पर सीबीआई से लेकर जितने जाँच एजेंसी है देश में सबको छोड़ दीजियेगा और फिर मोदी जी के गला में देखिएगा कि चाय और चौकीदार के कैंपेन में कितने और कौन लोग माला पहनाते हैं? एक बार हिम्मत त जुटाइये। सब होगा। यही देश में। जय हिन्द लिखते हैं त।

सिकेन शेखर बाजपेयी। 

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